भुजंगासन कैसे करे और इसके फायदे

भुजंगासन कैसे करे और इसके फायदे

इस आसन में शरीर को सांप के फन की रखा जाता है इस लिए इसे सर्पासन भी कहा जाता है. यह आसन पेट के बल लेट कर किया जाता है सूर्यनमस्कार में इस आसन का सातवाँ स्थान है. यह बहुत ही प्रसिद्ध आसन है जो की कमर दर्द बहुत ही गुणकारी है. इस आसन को प्रति दिन करने से करने से कंधे, हाथ, पीठ,कुहनियाँ, किडनी और लीवर को मज़बूती मिलती है, और अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है।

भुजंगासन कैसे करे:-

भुजंगासन कैसे करे और इसके फायदे

भुजंगासन कैसे करे और इसके फायदे

  • सबसे पहले आसन के लिए साफ़ और हवादार स्थान का चुनाव करे.
  • अब चटाई बिछा कर उस पर पेट के बल लेट जाए
  • पैरो को लम्बा और सीधा रखे
  • अपनी हथेलियों को अपनी छाती के पास रखे और अपनी ठोड़ी को जमीन पर सटा ले
  • अब अपनी कोहनियों को सीधा करते हुए उपर की और उठे
  • सिर उपर उठाते समय साँस अन्दर की और खींचे
  • अपने हाथो के को अपने शरीर से सटा के रखे
  • इस पोजीशन में 20 से 30 सेकंड तक होल्ड रखे और इस आसन को शुरुवात में 3 बार करे इसके बाद धीरे धीरे आप इसको 5,10,15 या 21 बार भी कर सकते है.

भुजंगासन के फायदे:-

  • इससे पेट पर जमी चर्बी कम होती है और मोटापा दूर करने में भी मदद करता है.
  • स्त्रियों में प्रजनन और मासिक सम्बन्धी परेशानी दूर होती है.
  • कमर दर्द करने में मदद करता है.
  • रीड की हड्डी को मजबूत बनाता है.
  • कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है.
  • गले की खराबी और दमा रोगियों के लिए भी यह आसन बहुत ही गुणकारी है.

सावधानियां:-

  • अगर आपको पेट दर्द है तो इस आसन को ना करे.
  • हर्निया और Hyperthyroidism के रोगियों को इस आसन को नही करना चाहिए.
  • अचानक से और झटका लेकर इस आसन को कभी भी नही करना चाइये.
  • अल्सर के रोगी इस आसन को ना करे.
  • गर्भवती महिला को इस आसन को नही करना चाहिए.

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