गोमुखासन कैसे किया जाता है इसके लाभ और इसकी सावधानियां

गोमुखासन कैसे किया जाता है इसके लाभ और इसकी सावधानियां

जैसा कि नाम से ही पता लग रहा है गोमुखासन मतलब गाय का चेहरा या गाय का मुख। इस आसन में लगभग Shape गोमुख की तरह रखी जाती है इसीलिए इसको गोमुखासन कहते हैं। इसको अंग्रेजी में Cow Face पोसे भी कहा जाता है। यह आसन औरतों के लिए बहुत ही लाभकारी है। जिन लोगों को घटिया, साइटिका, अपचन, बवासीर, मधुमेह और कमर में दर्द रहता है उनके लिए यह आसन बहुत ही बढ़िया है। इस आसन की विधि, इसके लाभ और सावधानियां आपको नीचे बताई गई है जिनको आप पढ़ कर फॉलो कर सकते हैं।

गोमुखासन कैसे किया जाता है?

गोमुखासन करने का तरीका बहुत ही सरल है आप नीचे बताए गए स्टेप को फॉलो करके इसका अच्छे से अभ्यास कर सकते हैं।

  • सबसे पहले आप अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं और अपने हाथ साइड में रखें।
  • बाए पांव को घुटने से मोड़ते हुए दाएं नितंब(Buttocks) की साइड से जमीन पर रखें।
  • इसी प्रकार दाएं पांव को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पांव के ऊपर से लाएं और दाएं एडी को बाए नितंब के पास रखें।
  • अब आप बाएं हाथ को उठाएं और इसको कोहनी से मोड़ते हुए अपने कंधों के पीछे ले जाएं।
  • दाएं हाथ को उठाकर कोहनी से  मोड़ते हुए उपर की ओर पीठ के पीछे ले जाएं।
  • हाथो को इस प्रकार रखे की पीठ के पीछे यह एक दूसरे से पकडे जा सके।
  • जितना हो सके शरीर को सीधा रखने का प्रयास करे।
  • जहां तक हो सके आगे देखने का प्रयास करें और अपने हिसाब से आसान को धारण करें।
  • अब अपने पेरों को बदलते हुए इसे दोबारा करने की कोशिश करे।
  • इस तरह से आप इसको 3 से 5 बार करें।

गोमुख आसन करने के फायदे

वैसे तो आसान को करने के बहुत से फायदे हैं लेकिन हम आपको यहां पर कुछ इसके महत्वपूर्ण फायदे के बारे में बता रहे हैं।

  • गोमुखासन करने से रीड की हड्डी मजबूत होती है और इस को सीधा रखने में मदद करती है।
  • गौमुखासन से हमारे हाथ की मांसपेशियां मजबूत होती है।
  • इसके साथ साथ में हमारी पीठ को मजबूत बनाने के लिए मदद करता है।
  • गोमुखासन बवासीर को रोकने में मदद करता है। अगर आप इसका हर रोज अभ्यास करते हैं तो आपको इस तरह की बीमारी नहीं होगी।
  • गोमुखासन से सेक्सुअल प्रॉब्लम को दूर करने में मदद मिलती है। यह महिलाओं के सेक्स संबंधित रोगों को दूर करने में मदद करता है।
  • जिन लोगों को कमर में दर्द रहता है वह इसका अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन से कमर में दर्द में आराम मिलता है।
  • यह शरीर को ताकतवर और लचकदार बनाने में भी मदद करता है।
  • जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी है। अगर वह इस आसन को प्रतिदिन करते हैं तो उनके डायबिटीज कंट्रोल में रहती है।
  • जिन लोगों को फेफड़े बहुत कमजोर है और वह सांस लेने में दिक्कत होती है तो इस आसन को उनको हर रोज करना चाहिए क्योंकि यह हमारे छाती को स्वस्थ बनाता है और यह फेफड़ों की सफाई करने हुए इसकी क्षमता भी बढ़ाता है।
  • अगर अस्थमा के पीड़ित रोगी इसका नियमित अभ्यास करते हैं तो उनको इस रोग में आराम मिलता है

गोमुखासन में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

  • जिन लोगों को खूनी बवासीर है और उनको खून आ रहा है तब उस समय इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • हाथ और पैर में ज्यादा दर्द होने पर इस आसान का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको रीड की हड्डी की गंभीर चोट है या गंभीर समस्या है तो आप इस आसन को बिल्कुल ना करें।
  • यदि आपके पीठ के पीछे हाथ बांधने में परेशानी हो रही है तो ज्यादा जोर जबरदस्ती ना करें।
  • अगर आपको लगातार घुटनों में दर्द रहता है तो आप इस आसन को ना करें।

तो अब आपको पता लग गया होगा कि गोमुखासन कैसे किया जाता है और किस स्थिति में इस आसन को नहीं किया जाना चाहिए और इस आसन के गोमुखासन के क्या फायदे हैं। तो इसके अलावा अगर आपको कुछ और जानना है तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.