व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट कैसे बनाया जाता है?

व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट कैसे बनाया जाता है?

हमने हमारी पिछली पोस्ट में बताया था की प्रोटीन क्या है और हम इसे कौन कौन से फूड्स से ले सकते है. और प्रोटीन पाउडर अलग अलग टाइप से मार्किट में मिलता है. आज हम आपको बताएँगे की जो मार्किट में व्हे प्रोटीन पाउडर मिलता है वह कैसे बनाया जाता है और कौन कौन से प्रोसेस से उसे बनाया जाता है. उसके लिए क्या क्या जरूरत होती है. व्हे प्रोटीन आज मार्किट में बहुत ही पोपुलर है जिसकी वजह से इसकी बहुत से डुप्लीकेट यानि की नकली प्रोडक्ट आते है खासकर हमारे भारत में.

व्हे प्रोटीन एक डेयरी प्रोडक्ट है जो की गाय के दूध से बनाया जाता है. अब एक गाय एक दूध से तो इतनी बड़ी फैक्ट्री चल नही सकती हो इसके लिए हजारो की संख्या में गाय का दूध चाहिए होता है. और उनका दूध आटोमेटिक मशीन के द्वारा निकाल कर फैक्ट्री भेजा जाता है.  इसके बाद इसकी प्रोसेस चालू होती है जो हम आपको हर एक स्टेप के बारे में बताएँगे की कैसे पव्हे प्रोटीन बनाया जाता है.

व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट कैसे बनाया जाता है?

व्हे प्रोटीन बनाने की प्रोसेस:-

स्टेप 1:- मशीन प्रोसेस से दूध निकालने का फायदा यह है की दूध बक्टीरिया कम  होते है और  गाय के दूध में 3.5% प्रोटीन  4% फैट 4.6% लक्टोस होता है.

स्टेप 2:- दूध को पूरी तरह से बक्टीरिया फ्री करने के लिए दूध को पहले Pasteurization किया जाता है यह एक प्रोसेस है जिसमे दूध को गर्म किया जाता है उसके बाद दूध को 4० C तक ठंडा किया जाता है ताकि दूध बक्टीरिया फ्री हो जाये.

स्टेप 3:- उसके बाद 4० C ठन्डे दूध को Cheese प्रोसेस के लिए भेजा जाता है यहाँ पर दुबारा से Pasteurization मेथड से दूध को 70-80० C पर गर्म करके 4० C पर ठंडा किया जाता है ताकि यह निश्चित हो जाये की जो प्रोडक्ट कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है वह मानव शरीर के लिए नुकसानदेह ना हो. Post-Pasteurization प्रोसेस के बाद Cheese बनाने की विधि से दूध से 20% व्हे और 80 % कैसिइन मिलता है.

स्टेप 4:- तो सही में सारा मामला यहाँ से शुरू होता है. जो उपर बताया गया है वो सिर्फ दूध को बक्टीरिया फ्री करने और उसको Cheese में बलदने की प्रोसेस थी. उसके बाद अब हमारे पास दो चीजे है एक सॉलिड पार्ट और दूसरा लिक्विड पार्ट. सॉलिड पार्ट इसको Cheese के प्रोडक्ट बनाने के लिए भेज दिया जाता है. अब बचा लिक्विड पार्ट जिसमे फैट,कार्बोहायड्रेट,पानी और मिनरल्स है जिसको एक और प्रोसेस से अलग किया जाता है जिससे हमारे पास सिर्फ व्हे ही बचे.

स्टेप 5:- यह सबसे कठिन प्रोसेस है जिसको कई मशीनरी की मदद से किया जाता है. इस प्रोसेस से WPC प्राप्त होता है जिसका मतलब है व्हे प्रोटीन कंसन्ट्रेट. इस प्रोसेस में लक्टोस और फैट को हटा दिया जाता है. इसकी मशीनरी स्टेनलेस स्टील की बनी होती है. और यह सारा प्रोसेस नार्मल तापमान पर किया जाता है.

स्टेप 6:- उसके बाद व्हे प्रोटीन लिक्विड को ड्रायर में डाल कर पाउडर की फॉर्म में बनाया जाता है और इसके साथ यह भी ध्यान रखा जाता है की व्हे की Nutrition वैल्यू पर कोई इफ़ेक्ट ना हो.

स्टेप 7:- इसके बाद इसको कंटेनर में डाल कर टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है इसमें कोई फ्लेवर नही मिलाया हुआ होता है.

स्टेप 8:- टेस्टिंग और Nutrition वैल्यू ध्यानपूर्वक चेक करने के बाद पाउडर को हाई स्पीड ब्लेंडर में फ्लेवर के साथ मिक्स किया जाता है.

स्टेप 9:- इसके बाद पाउडर को पैकिंग के लिए भेज दिया जाता है