स्वस्तिक आसन कैसे करें इसके फायदे और सावधानियाँ

स्वस्तिक आसन कैसे करें इसके फायदे और सावधानियाँ

यह योग के प्रमुख 10 आसन में सबसे पहला आसन है। स्वस्तिक का मतलब होता है शुभ। यह ध्यान लगाने के लिए बहुत ही अच्छा आसन है । इसके लिए सबसे पहले आपको मैट की आवश्यकता होगी या तो एक साफ-सुथरा कंबल या कपड़ा ले सकते हैं या फिर योगा मैट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस आसन के करने के बहुत से फायदे हैं और उसके फायदे हम आपको इसके विधि के बाद में बताएंगे। तो सबसे पहले इसकी विधि की बात करते हैं कि स्वास्तिकासन को कैसे किया जाना चाहिए।

स्वस्तिकासन कैसे किया जाता है?

  • सबसे पहले जमीन पर बैठ जाइए और दोनों पैरों को मोड़कर जांघ और पिंडलियों के बीच ऐसे रखिए कि दोनों का पंजे घुटनों के अंदर चले जाएं।
  • अब दोनों हाथो को घुटने पर रखकर पूरे शरीर को सीधा कर लीजिए।
  • ध्यान रखे की आपके घुटने जमीन के लगे हुए हो।
  • उसके साथ-साथ आपकी जांघ और कमर सीधी रहनी चाहिए

स्वस्तिकासन करने के क्या लाभ है?

  • इस आसन को हर रोज 20 मिनट तक करने से सर्दियों में भी आपके पैर गर्म रहने लगेंगे।
  • अगर आप इस आसन को गर्मियों में करते हैं तो आपके पैरों में पसीना नहीं आएगा।
  • स्वस्तिकासन करने से कब्ज दूर होती है और पाचन शक्ति बढ़ जाती है।
  • स्वस्तिकासन करने से पैरो में होने वाले दर्द से मुक्ति मिलती है।
  • इस शासन को हर रोज करने से पसीने की बदबू भी दूर हो जाती है।
  • इस आसन को करने से आपकी शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर हो जाएंगी।
  • यह तन और मन को सही संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
  • वायु रोग को दूर करने में भी स्वस्तिकासन बहुत मदद करता है।
  • लिंग और योनि से संबंधित रोगों को दूर करने में भी बहुत ज्यादा सहायक है।
  • अगर इसको सही तरीके से किया जाए तो यह कमर दर्द कम करने में मदद करता है।

स्वस्तिकासन करते समय क्या-क्या सावधानियां बरतें?

  • जिन लोगों को साइटिका की प्रॉब्लम है उन लोगों को यह आसान नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप को रीड की हड्डी से संबंधित कोई परेशानी है तो इस आसन को न करें।
  • इसके अलावा अगर आपके घुटनों में दर्द रहता है तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।

अगर उस आसन के बारे में आपको कुछ और जानना है तो आप हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं

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